Tejashwi on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उनपर 10 सवाल दाग दिए हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के बीच तेजस्वी ने पीएम मोदी से पूछा है कि बीते 10 सालों में बीजेपी सरकार ने बिहार के लिए क्या किया।
पीएम मोदी ने 10 साल पहले बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने, दो करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे कई वादे किए थे वो कब पूरा करेंगे।
तेजस्वी ने कहा कि उम्मीद है पीएम मोदी गया और पूर्णिया में अपने भाषण में हर नाकामी के लिए विपक्ष को दोष ना देकर निष्पक्षता से अपनी सरकार की खामियों का अवलोकन करेंगे।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंगलवार को पोस्ट किया। इसमें उन्होंने पीएम मोदी से 10 सवाल पूछे।
जब कोई नेता विपक्ष में होता है जब वो पीएम मोदी की नजर में महाभ्रष्ट होता है लेकिन बीजेपी में आते ही वो ईमानदारी का पर्याय राजा हरीशचंद्र कैसे हो जाता है? प्रधानमंत्री के अनुसार 70 हजार का घोटाला करने वाले अजीत पवार, प्रफुल्ल पटेल, रेड्डी ब्रदर्स, हेमंत विस्वा शर्मा, मुकुल रॉय, नारायण राणे, अशोक चव्हाण, शुभेंदु अधिकारी जैसे जांच झेल रहे 23 नेताओं को बीजेपी में शामिल करा कर, क्या उन्होंने ईमानदारी का परिचय दिया है?
विगत चुनावी सभाओं में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ दिन जेडीयू के साथ नहीं थे तब आप नीतीश सरकार में हुए कथित 33 घोटाले की एक लंबी सूची के साथ एक लंबी सांस में गिनाते थे। क्या वे अब भी मानते है कि वो 33 घोटाले हुए थे? अगर हुए थे तो क्या उनकी सरकार ने कोई जांच करवाई? अगर उनको वो 33 घोटाले याद नहीं है तो क्या उसका वीडियो भेज देते हैं।
क्या पीएम मोदी ने एनसीआरबी द्वारा जारी बिहार के 1990 से लेकर 2005 तथा 2005 से लेकर 2023 तक साल दर साल अपराध की विभिन्न श्रेणियों का तुलनात्मक अध्ययन किया है? खास तौर पर उन 𝟏𝟓 सालों का जब उनकी पार्टी यहां सरकार में रही है। क्या वे एनसीआरबी के प्रतिवर्ष के तुलनात्मक आंकड़े देख अपराध और कथित जंगलराज पर भाषण रूपी प्रवचन देना चाहेंगे?
प्रधानमंत्री जब बिहार आते हैं, तब भ्रष्टाचार, वंशवाद और विधि व्यवस्था पर वही पुराना कैसेट बजाना क्यों शुरू कर देते है? क्या वे भूल जाते हैं कि 15 साल से अधिक समय से बीजेपी बिहार सरकार में बड़ी भागीदार है, क्या वे नहीं जानते कि 2005 में जन्मा बच्चा आज वोटर है? पीएम मोदी उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य व विधि व्यवस्था एवं नौकरी रोजगार देने की बजाय भूतकाल का भूत इसलिए दिखाते हैं ताकि वो नौकरी रोजगार पर सवाल ना कर सके।
क्या यह सच है कि पीएम मोदी बीजेपी के संगठित, संस्थानिक और व्यवस्थित भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ही हमेशा विपक्ष को भ्रष्टाचारी बताते हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल इलेक्टॉरल बॉन्ड क्यों चलवाए तथा उसका सबसे अधिक फायदा बीजेपी को ही क्यों मिला? अगर यह इतना पारदर्शी था तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह क्यों कहा कि नागरिकों को राजनीतिक पार्टियों का चुनावी चंदा जानने का कोई अधिकार नहीं है?
कई राज्यों के बीजेपी प्रत्याशी एवं सांसद खुलेआम संविधान बदलने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उन सब पर क्या कारवाई की गई? इसका मतलब क्या पीएम मोदी भी उनके संविधान बदलने के इरादे का समर्थन करते हैं? अगर नहीं करते तो उन्हें प्रत्याशी क्यों बनाया गया है?
हमने बिहार सरकार में रहते आरक्षण सीमा 𝟕𝟓 फीसदी तक बढ़ाई तथा केंद्र सरकार को इसे संविधान की 𝟗वीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। पीएम मोदी ने महीनों बीतने के बाद भी इसे 9वीं अनुसूची में शामिल क्यों नहीं किया? क्या वे आरक्षण के खिलाफ हैं?
क्या पीएम मोदी देश के सबसे अधिक युवा आबादी वाले प्रदेश बिहार को बताएंगे कि उन्होंने केंद्र में 10 सालों में बिहार के कितने युवाओं को नौकरियां दीं? नौकरियों के इंतजार में करोड़ों युवा तो ओवरएज हो गए, 39 सांसद जिताने वाले बिहार में पीएम ने अपने गृह राज्य की तुलना में कितनी इंडस्ट्री स्थापित की तथा कितना निवेश किया?
Tejashwi on PM Modi: पीएम मोदी ने 10 साल पहले बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, 2 करोड़ नौकरी प्रतिवर्ष, विशेष पैकेज देने अथवा विशेष ध्यान के साथ विशेष विकास करने का वादा बिहारवासियों से किया था। क्या वे अभी भी उस वादे पर कायम हैं या आपने बिहार पर ध्यान देना छोड़ दिया या 2014 में मांगे गए 60 दिन के बाद, 100 दिन फिर 60 महीने, फिर 2022 और अब 2047 की नई टाइमलाइन के बाद 2147 में उन वादों को पूरा करेंगे?



