Rajasthan first Phase Poll: राजस्थान में लोकसभा आम चुनाव-2024 के प्रथम चरण के तहत प्रदेश के गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में शुक्रवार को आमतौर पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान संपन्न हुआ। प्रथम चरण के तहत 12 सीटों पर 57.87 फीसदी मतदान हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि इन क्षेत्रों में रूप से 57.87 प्रतिशत ( including 0.61% postal ballot ) मतदान दर्ज किया गया है। फॉर्म 17ए की जांच के बाद 20 अप्रैल तक ही अंतिम मतदान Final poll data प्रतिशत के आंकड़े प्राप्त हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शाम 6 बजे तक भी कई स्थानों पर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी थीं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचने लगे। दिनभर मतदान केंद्रों पर हंसते-मुस्कराते, उत्साह से लबरेज मतदाताओं का तांता लगा रहा।
सियासी जानकारों कम मतदान के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। एक वर्ग कांग्रेस के लिए शुभ संकेत मान रहा है। जबकि दूसरा वर्ग का कहना है कि अधिक मतदान से बीजेपी को नुकसान होता। ऐसे में कम मतदान से बीजेपी को फायदा हुआ है। हालांकि, सियासी जानकार इस बात पर सहमत है कि प्रथम चरण के चुनाव में बीजेपी की 12 में से 3-4 सीटों का नुकसान हो सकता है। कांग्रेस इस बार खाता खोलेगी।
दौसा में कांग्रेस की जीत मानी जा रही है। जबकि अलवर औऱ जयपुर ग्रामीण में कांग्रेस कड़ी टक्कर दे रही है। बीजेपी जयपुर शहर और बीकानेर में जीत रही है। सीकर से अमराराम की जीत पक्की मानी जा रही है। अन्य सीटों पर भी कांग्रेस इस बार टक्कर देती हुई दिखाई दे रही है।
गंगानगर : 65.64 (74.39%)। बीकानेर : 53.96 (59.24%)। चूरू : 62.98(65.65%)। झुंझुनूं : 51.62(61.78%) सीकर : 57.28(64.76%)। जयपुर ग्रामीण : 56.58(65%)। जयपुर : 62.87(68.11%) अलवर : 59.79(66.82%)। भरतपुर : 52.69(58.81%)। करौली-धौलपुर : 49.29(55.06%) दौसा : 55.21(61.20%)। नागौर : 56.89(62.15%) मतदा हुआ।
गुप्ता ने बताया कि 85 वर्ष एवं अधिक आयु के वृद्धजन और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं के लिए आयोग की ओर से होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई थी।
इन 12 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 36,557 (85 वर्ष से अधिक आयु के 27,443 एवं 9,114 दिव्यांग) मतदाताओं ने फॉर्म 12-डी भर कर घर से ही मतदान की सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। इनमें से 36,139 जीवित मतदाताओं में से कुल 35,526 (85 वर्ष से अधिक आयु के 26,570 एवं 8,956 दिव्यांग) मतदाताओं ने मतदान किया।
इस तरह करीब 98.30 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने इस सुविधा का लाभ लिया। आवश्यक सेवाओं से जुड़े 1,814 मतदाताओं ने फॉर्म 12-डी भरा, इनमें से 1,242 मतदाताओं ने पोस्टल बैलट सुविधा के माध्यम से वोट डाला। साथ ही, 1,19,496 मतदान कार्मिकों ने फेसिलिटेशन सेंटर्स पर पोस्टल बैलट से मतदान किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इन 12 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 7,98,520 मतदाताओं ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया था। इन मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए मतदान केंद्रों पर सेल्फी बूथ बनाए गए थे।
साथ ही, ‘स्याही लगी अंगुली’ दिखाने पर विभिन्न उत्पादों और सेवाओं की खरीद पर डिस्काउंट तथा कई मतदान केंद्रों पर प्रथम मतदाताओं स्क्रैच कार्ड के माध्यम से उपहार दिए गए। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सर्टिफिकेट भी दिए गए। मतदान करने के बाद सेल्फी बूथ पर सेल्फी लेकर सीईओ राजस्थान की वेबसाइट पर अपलोड करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट दिया गया।
रिकॉर्ड 875 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जब्त। गुप्ता ने बताया कि चुनाव में धन-बल का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रदेशभर में 1 मार्च से अब तक 875.73 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब, ड्रग्स सहित अन्य अवैध सामग्री जब्ती की गई है। लोकसभा आम चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से अब तक 777.59 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी सहित अन्य अवैध सामग्री जब्त की गई है।



