महाकुंभ में भगदड़ को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा.
दिल्ली. महाकुंभ में मौनी अमावस्या को भगदड़ को लेकर संसद के दोनों सदनों के हंगामा हुआ. इस दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में हजारों लोगों के मौत की बात भगदड़ में हुई, ये कहा, जिस पर राज्यसभा के चेयरमैन ने उनसे बयान वापस लेने को कहा, जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुझे जो लगा, वो मैने कहा। अगर मैं गलत बोल रहा हूं, तो सरकार को सही आंकड़ा जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सही आंकड़ा आ जाएगा और मेरी जानकारी गलत होगी, तो मैं माफी मांग लूंगा।
वहीं, लोकसभ में विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और सरकार से भगदड़ में मारे गए लोगों का सही आंकड़ा जारी करने की मांग की। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जनता ने आपको सवाल पूछने के लिए सदन में भेजा है, अगर मेज पीटने और हंगामा करने के लिए भेजा है, तो और जोर से मेज पीटीए। इधर, अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार गिनती में होशियार है। हमने ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा, जो कुंभ के पहले दिन से कितने लोग आए, इसका आंकड़ा बता रहा है, लेकिन भगदड़ में पहले दिन 30 लोगों की मौत का आंकड़ा दिया गया, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि आखिर मौतों का आंकड़ा क्यों छुपाया जा रहा है। इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमसे क्षेत्र की जनता पूछ रही है, हमारे आपने कुंभ गए थे, वहां बिछड़ गए। उनके बारे में सही जानकारी चाहिए, लेकिन सही जानकारी नहीं मिल रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कहा कि कुंभ में हुई भगदड़ अभी देश की सबसे बड़ी खबर है, सरकार को मौत का आंकड़ा बताना चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार आंकड़ा क्यों छुपा रही है। इसकी पीछे सरकार की मंशा क्या है।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार मामले की जांच करा रही है, इसमें साजिश की बू आ रही है, जब पूरी जांच सामने आएगी, तो जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उनको मुंह छुपाते नहीं बनेगा।



