Himachal Politics: हिमाचल कांग्रेस के 6 अयोग्य घोषित बागी एमएलए और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की मौजूदगी में कांग्रेस के बागी और निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी के घर में अपना ठिकाना बना लिया। तीन निर्दलीय विधायकों आशीष शर्मा, केएल ठाकुर और होशियार सिंह ने भी मुस्कुराते हुए भाजपा का दामन थामा।
Himachal Politics: कांग्रेस के छह अयोग्य घोषित बागी और तीन निर्दलीय विधायकों ने शनिवार को नई दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। इन्हें भाजपा में शामिल करते समय केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्हें भाजपा के पटके पहनाए गए और सदस्यता पत्र भी थमाए गए।
बता दें कि तीनों निर्दलीय विधायकों ने शुक्रवार को ही हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर उन्हें लेकर नई दिल्ली चले गए थे। कांग्रेस के 6 बागी पहले से ही नई दिल्ली में थे।
शनिवार दोपहर को छह अयोग्य घोषित विधायक धर्मशाला से सुधीर शर्मा, लाहौल-स्पीति से रवि ठाकुर, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो, सुजानपुर से राजेंद्र राणा और गगरेट से चैतन्य शर्मा भी भाजपा में शामिल हो गए।
इसके बाद तीन निर्दलीय विधायक हमीरपुर से आशीष शर्मा, देहरा से होशियार सिंह और नालागढ़ से केएल ठाकुर भाजपा में शामिल हुए। देररात भाजपा में शामिल कांग्रेस के बागी व निर्दलीय नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ शिमला पहुंचे।
इस दौरान पीटरहॉफ में भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने इनका स्वागत किया। इस दौरान हर्ष महाजन ने रवि ठाकुर, विपिन परमार ने इंद्रदत्त लखनपाल, सतपाल सिंह सत्ती ने होशियार सिंह, अनिल शर्मा ने केएल ठाकुर, सुखराम चौधरी ने देवेंद्र कुमार भुट्टो, बिक्रम सिंह ठाकुर ने चैतन्य शर्मा और हंसराज ने आशीष शर्मा का स्वागत किया।
वहीं, तीन निर्दलीय विधायकों केएल ठाकुर, होशियार सिंह और आशीष शर्मा के इस्तीफे दूसरे दिन शनिवार को भी विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंजूर नहीं किए। तीनों निर्दलीय विधायकों ने शुक्रवार को इस्तीफे दिए हैं।
इन छह बागी विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अयोग्य घोषित किया था। इन्होंने अध्यक्ष के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी है। हालांकि अपनी याचिका वापस लेने के लिए इन्होंने आवेदन भी कर दिया है। कांग्रेस के छह बागियों और तीन निर्दलीय विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हर्ष महाजन को वोट दिया था।
बता दें 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद 68 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 थे, जबकि भाजपा के पास 25 विधायक थे। तीन सीटों पर निर्दलियों का कब्जा रहा। वित्त विधेयक पारित करते समय व्हिप जारी करने के बावजूद सदन में मौजूद न होने पर कांग्रेस के छह विधायक अयोग्य घोषित किए गए थे। अब निर्दलियों ने भी अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। इस्तीफे मंजूर होने के बाद नौ विधायकों के कम होने के बाद विधानसभा में 59 विधायक रह जाएंगे।
सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का कोई विजन नहीं है। कांग्रेस सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करती है। सुधीर शर्मा ने कहा कि जब हम अपने लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं कर पा रहे हैं तो विधायक होने का क्या मतलब है। इसीलिए राज्यसभा चुनाव में हमने हर्ष महाजन को वोट दिया जो हमारे राज्य से हैं। आज हम सब अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल हुए हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि जब से राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी, उनकी सुनवाई नहीं हुई। सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार देने सहित अन्य मुद्दों पर गौर नहीं किया गया। विधायकों की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार विधायकों के मुताबिक नहीं चल रही है, बल्कि सुखविंद्र सुक्खू और उनके सहयोगी चला रहे हैं। हिमाचल सरकार वेंटिलेटर पर है।
उधर, बागियों के भाजपा में शामिल होने के बाद सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर लिखा- आयाराम-गयाराम और धनबल की राजनीति करने वालों ने देवभूमि के जनादेश से धोखा करके आज अपना ठिकाना चुन लिया। आज वे उनके साथ बैठे हैं, जिन्होंने ओपीएस मांगने पर कर्मचारियों का मज़ाक उड़ाया। जिन्होंने पेपर लीक घोटाला किया और युवाओं के रिज़ल्ट लटकाए। जो अपने फायदे के लिए महिलाओं के विरोध में खड़े हो गए, जिन्होंने देवभूमि के आदर्श व मूल्यों को अपनी बेइमानी व खरीद-फरोख्त वाली राजनीति से कुचला। लेकिन, लोकतंत्र में जनता जनार्दन है। पैसों के लिए अपना ईमान बेचने वाले, जनता का प्यार और समर्थन पैसों से नहीं खरीद सकते। जनता ज़वाब देगी।



