किसानों की मांग, 23 फसलों पर MSP पर घोषणा करे सरकार
FARMERS PROTEST: किसान नेताओं ने MSP पर नरेंद्र मोदी सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव में किसानों के लिए कुछ ख़ास नहीं है।
FARMERS PROTEST: किसान आंदोलन के बीच सरकार ने किसानों को कुछ फसलों पर MSP देने के प्रस्ताव को किसानों ने एक सिरे से खारिज कर दिया। किसान संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपने आंदोलन का एलान किया है।
पीसी में किसानों ने कहाकि हमने किसान संगठनों के साथ बैठक कर सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा की। सरकार ने जो प्रस्ताव दिया है, वो बेदम है। इस प्रस्ताव से किसानों का कोई लाभ नहीं होगा। इसके साथ ही किसानों ने सरकार को मंगलवार यानी आज तक का अल्टीमेटम दिया है। किसानों ने कहा है कि वे 21 फरवरी को किसान दिल्ली कूच करेंगे।
‘MSP पर गारंटी देने से नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ’
FARMERS PROTEST- शंभू बॉर्डर पर किसान नेताओं ने कहा कि हमने किसान संगठनों के साथ बैठक कर सरकार के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। हम सबको सरकार के प्रपोजल में कुछ नज़र नहीं आया। अगर इसे ध्यान से देखेंगे तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर सरकार MSP की गारंटी देती है, तो हमारा डेढ़ लाख करोड़ रुपये खर्च होगा। लेकिन संस्था के अनुसार, अगर सरकार सभी फसलों पर MSP देती है तो इसमें एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये में काम चल सकता है। अगर सरकार इतना पैसा लगा रही है, तो सभी फसलों पर MSP देनी चाहिए।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, हमारी सरकार बाहर से 1.75 लाख करोड़ रुपये का वनस्पति तेल मंगाती है। ये बीमारी का कारण बन रहा है। अगर यही रुपया देश के किसानों को MSP देने के लिए खर्च करे, तो इससे काम बन जाएगा। यानी सरकार पर अलग से कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
किसान नेताओं ने कहाकि सरकार ने ये कहा कि वह कुछ फसलों पर MSP देंगे। लेकिन उसकी भी कई सीमाएं बना रखी हैं। इन सभी बातों से यह निकल कर आता है कि इससे किसानों का कोई फायदा नहीं है।
हमारी मांग है कि सरकार 23 फसलों पर MSP की घोषणा करे। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर हमने फैसला किया है कि ये सरकार का प्रस्ताव किसानों के हक में नहीं है इसलिए हम इसे खारिज करते हैं।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहाकि दोनों मंचों की चर्चा के बाद ये तय हुआ है कि विश्लेषण करें तो सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नज़र नहीं आ रहा है… ये किसानों के पक्ष में नहीं है। हम इसे खारिज करते हैं।
FARMERS PROTEST– प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने सरकार के प्रस्ताव को ठीक से समझा। सरकार की नीयत में खोट है। अगर उनकी नीयत साफ होती, तो वे ऐसा न करते। हमरा पॉइंट क्लियर है हमें सभी फसलों पर MSP की गारंटी चाहिए। अब सरकार को बताना है कि वो कर्ज माफी के मामले में क्या फैसला कर रही है। दूसरा सरकार के मंत्री बैठक का जो समय देते हैं उससे 3-4 घंटे बाद आते हैं। इससे से समझ में आता है कि सरकार किसानों को लेकर सीरियस नहीं है।
’21 फरवरी को करेंगे दिल्ली कूच’
किसानों ने अपनी अगली रणनीति बताते हुए कहा कि हम 21 फरवरी को दोपहर 11 बजे दिल्ली कूच करेंगे। हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारी मांगो मान लें। जब आप बैरिकेडिंग लगाकर रोका जा रहा है। हम भी इसी देश के नागरिक हैं, हमें शांति से आंदोलन करने दिया जाए। अभी आगे की कोई मीटिंग नहीं है। हालांकि हम बातचीत के लिए हमेशा सरकार हैं। किसान नेताओं ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि हमें शांति से आंदोलन करना है। वहीं हम सरकार से कहना चाहेंगे कि हमारी मांगों को मानें या फिर शांति से आंदोलन से करने दें।



