
कोरबा. नाबालिग से गैंगरेप और तीन की हत्या के पांच दोषियों को फांसी की सजा सुनायी गयी है. सजा विशेष न्यायालय की जज ममता भोजवानी ने सुनाया है, जबकि मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है. मामला 2021 की 29 जनवरी का है, जब पहाड़ी कोरबा परिवार की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद तीन की हत्या की गई थी. जिन्हें फांसी की सजा दी गई है, उनमें मुख्य दोषी संतराम मंझवार और उसके चार साथी शामिल हैं.
दिल दहला देनेवाली ये वीभत्स घटना 29 जनवरी 2021 को लेमरू थाना क्षेत्र के गढ़ गांव की है, जहां पहाड़ी कोरबा परिवार की नाबालिग के साथ गैंग रेप की घटना हुई थी और उसके बाद उसके परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी. दोषियों ने 16 की नबालिग, उसके पिता और चार साल की बच्ची की निर्मम तरीके से हत्या की थी. सबको जंगल में पत्थर से कुचल कर मारा गया था.
पुलिस जांच में जो बात सामने आई, उसके मुताबिक संतराम मंझवार के यहां जकड़ी राम मवेशी चराने का काम करता था. जकड़ी राम के साथ उसका परिवार भी रहता था, जिसमें उसकी पत्नी, बेटी और चार साल की बच्ची शामिल थी. संतराम मंझवार ने मवेशी चराने के एवज में जकड़ी राम को हर महीने दस किलो चावल और साल में आठ हजार रुपये देने थे, लेकिन संतराम मंझवार चावल तो देता था, लेकिन साल में आठ हजार की जगह छह हजार रुपये ही दे रहा था. इसी को लेकर जकड़ी राम ने काम करने से इनकार कर दिया.
उसके संतराम मंझवार से बचा हुआ पैसा मांगा, तो उसको लेकर विवाद हो गया. इसके बाद जकड़ी राम ने काम छोड़ने का फैसला कर लिया और वो परिवार के साथ वापस अपने गांव जा रहा था. संगेतरा बस स्टैंड पर वो गांव जाने के लिए परिवार के साथ खड़ा था. इसी बीच में संतराम मंझवार अपने साथियों अनिल कुमार सारथी, उमाशंकर यादव, परदेशी दास, आनंद दास और अब्दुल जब्बार उर्फ विक्की के साथ मोटरसाइकिल से मौके पर आया.
इन लोगों ने जकड़ी राम से कहा कि पता नहीं बस कितनी देर में आएगी. हम लोग सब लोगों को मोटरसाइकिल से छोड़ देते हैं, जिस पर जकड़ी राम ने पहले तो माना किया, लेकिन दोषियों के जिद करने पर तैयार हो गया. एक मोटरसाइकिल पर जकड़ी की पत्नी को भेज दिया गया, जिससे जकड़ी, नाबालिग बेटी और चार साल की बच्ची पीछे रह गये. इसके बाद दोषियों ने जकड़ी को शराब पिलाई.
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक जकड़ी को शराब पिलाने के बाद दोषियों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया, जिसका जकड़ी ने विरोध किया, तो उसकी हत्या कर दी गयी. इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए चार साल की मासूम की भी हत्या कर दी और गैंग रेप के बाद नाबालिग की भी दोषियों ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी.
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को गिरफ्तार किया था. पॉस्को कोर्ट में मामला चला, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश की ओर से ये फैसला सुनाया गया है. कोरबा के इतिहास में ये पहली बार हुआ है, जब किसी जघन्य अपराध में एक साथ पांच दोषियों को फांस की सजा दी गयी है.



