Cyclone Remal: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात रेमल बंगाल तट से टकरा कर कमज़ोर हो रहा है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में बारिश हुई। तेज हवाओं से कई इलाकों में पेड़ भी उखड़े।
मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान के लैंडफॉल के समय हवा 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और इसी दौरान रेमल पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा के बीच समुद्र तट से टकराया।
मौसम विभाग के मुताबिक अब चक्रवाती तूफान कमजोर पड़ चुका है। केंद्र औऱ राज्य सरकारें लगातार हालात पर नज़र रखे हुए हैं।
मॉनसून से पहले के मौसम में बंगाल की खाड़ी में आए इस पहले चक्रवात के बारे में मौसम विभाग ने बताया कि रेमल के तट से टकराने के दौरान समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठीं।
चक्रवात के टकराने के साथ ही बंगाल और उत्तरी ओडिशा के कई जिलों, असम और मेघालय में भारी बारिश हुई। मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में 27-28 मई को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
चक्रवात रेमल को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने ताजा जानकारी में बताया कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ पिछले 06 घंटों के दौरान 13 किमी प्रति घंटे की गति के साथ लगभग उत्तर की ओर बढ़ा।
पश्चिम बंगाल में मोंगला के दक्षिण-पश्चिम के करीब सागर द्वीप और खेपुपारा के बीच बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों को पार कर गया। इस गंभीर चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की गति 110 से 120 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 135 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।
रेमल चक्रवात 26 और 27 मई की दरम्यानी रात लगभग 01:30 बजे तटीय बांग्लादेश और निकटवर्ती तटीय पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप समूह (पश्चिम बंगाल) से लगभग 115 किमी पूर्व में केंद्रित रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, रेमल 27 मई 2024 की सुबह तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।
गंभीर चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ पश्चिम बंगाल के कैनिंग से लगभग 80 किमी दक्षिण दिशा में है।
मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों को पार कर रहा है, उत्तर की ओर बढ़ रहा है। राहत की बात है कि चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान बारिश और तेज हवाएं चलती रहीं। ऐसे ही हालात 2 घंटों तक जारी रहने का अनुमान है। यानी सोमवार तड़के करीब चार-पांच बारिश और तेज हवाएं चलती रहेंगी।
दक्षिण कोलकाता के उपायुक्त प्रियब्रत रॉय ने बताया कि कुछ जगहों पर पेड़ उखड़ने की सूचना मिली है। प्रभावित इलाकों में कोलकाता नगर पालिका की टीम, कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम पहुंच गई है। राहत और बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी है। सुबह तक स्थिति ठीक होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान पर पुलिस का विशेष एकीकृत नियंत्रण कक्ष रात भर हालात की निगरानी कर रहा है।
चक्रवाती तूफान रेमल की मार झेल रहे पश्चिम बंगाल के अलीपुर में पेड़ उखड़ने के कारण सड़कें बाधित हुईं। राहत और बचाव कार्यों में लगी टीम ने आधी रात सड़कों पर गिरी टहनियों और पेड़ को काटकर रास्ता साफ किया।
मौसम विज्ञान केंद्र कोलकाता के पूर्वी क्षेत्र प्रमुख सोमनाथ दत्ता ने बताया कि बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल तट पर चक्रवात रेमल के तट से टकराने की प्रक्रिया रात लगभग 8:30 बजे शुरू हुई। उन्होंने बताया कि चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया रात 12:30 बजे तक पूरा होने का अनुमान है।
गंभीर चक्रवाती तूफान रेमल के कारण बंगाल में तेज हवाएं औऱ बारिश हो रही है। कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़े हैं। सागर द्वीप से सामने आए विजुअल में देखा जा सकता है कि एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल के कर्मी मौके पर मुस्तैद हैं और राहत और बचाव कार्य रात के अंधेरे में भी जारी है।



