
रायपुर. साइबर ठगी के मामले में तीन नाइजीरियाई छात्रों समेत गिरफ्तार 72 लोगों से नए खुलासे हो रहे हैं. मामले में गिरफ्तार बैंक कर्मियों से इस बात की जानकारी मिली है. वो जालसाजों से मिल कर टारगेट से ज्यादा बैंक खाते खुलवा रहे थे, जिसकी एवज में उन्हें हैवी इन्सेंटिव बैंक की ओर से दिया जाता था, जबकि इनकी सेलरी महज 12 से 15 हजार के बीच थी. इनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए इन्हें बैंक की मुंबई ब्रांच में बुला कर सम्मानित किया जाता था.
शुरू में 64 गिरफ्तारियां हुई थी, तब ये सामने आया था कि 85 करोड़ के आसपास की साइबर ठगी हुई है, लेकिन अब ये आकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच गया है. गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 72 हो गई है. इन्हें छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है. साइबर ठगी मिली रकम को मलेशिया और चीन भेजे जाने के प्रमाण भी जांच टीम को मिले हैं.
खुलासा उत्कर्ष स्मॉल बैंक के गिरफ्तार चार सेल्स एक्जिक्यूटिव के जरिए हुआ है, जो म्यूल एकाउंट खुलवाते थे. जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उनमें शुभम सिंह ठाकुर, हिमांशु शर्मा, सुमित दीक्षित और अनुपम शुक्ला हैं. ये सभी बैंक से मिलते वाले खाता खुलवाने की टारगेट से ज्यादा खाते हर महीने खुलवाते थे.
एक साल में गृह विभाग के क्राइम पोर्टल और जिला पुलिस के पास देशभर के 1,100 बैंक खातों की शिकायतें आई थी. इसमें ठगी के पैसों का ट्रांजेक्शन हुआ था. इन खातों को ब्लॉक कराने के बाद इन्हीं 1,100 खातों में हुए पैसों के ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू की गई. जांच के बाद 160 खातों को चिह्नित किया गया.
खातों से ठगी के 85 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. इसमें भी 104 खाते उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक की एक ही ब्रांच में खोले गए हैं, जिनसे ठगी के 57 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है. जानकारी के मुताबिक गिरोह के सूत्रधार मनी लांड्रिंग कर विदेश भेजी गई रकम को वापस एक नंबर पर भारत भेजते हैं.



