
रायपुर. राजधानी रायपुर की पुलिस ने तीन बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दास्तावेजों के आधार पर यहां रह रहे थे. ये तीनों सगे भाई हैं और रायपुर में बसने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गये. जिन्हें कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने तीनों की तीन दिन की पुलिस रिमांड दे दी है. अब पुलिस इनसे काले कारनामे उगलवाएगी.
बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी को रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. तीनों बांग्लादेशी पर ये कार्रवाई एटीएस टीम ने की. जो सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर अवैध प्रवासी गतिविधियों पर निगरानी रख रही थी. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों ने बांग्लादेश से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कर रायपुर में बसने का प्रयास किया था. इन दोनों के पास भारतीय पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज थे, जिनकी सत्यता को लेकर संदेह था. जांच में पता चला कि ये दस्तावेज फर्जी हैं. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और विदेशी नागरिक कानून के तहत मामला दर्ज किया है.
तीनों संदिग्ध बांग्लाभाषी सगे भाई हैं. टिकरापारा रायपुर में मिश्रा बाड़ा निवासी इन तीनों व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेज बनवाए थे. इनकी 26 जनवरी 2025 बगदाद (इराक) जाने के लिए हावड़ा मुंबई मेल ट्रेन से मुंबई पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई. एटीएस छत्तीसगढ़ रायपुर ने एटीएस मुंबई नागपाड़ा यूनिट के सहयोग से पायधुनी इलाके से पकड़ लिया.
इनके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड के साथ ही बगदाद का वीजा बरामद किया गया. संदिग्धों से पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे तीनों जियारत के बहाने बगदाद जाकर छिपकर रुकने वाले थे. उसके बाद भारत वापस नहीं आते. ये तीनों शमसुद्दीन के बेटे हैं, जिनके नाम मोहम्मद इस्माइल, शेख अकबर और शेख साजन हैं, जो मूलरूप से बांग्लादेश के जैससो प्रांत के खुलना के रहनेवाले हैं.



