सीजी डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हुई बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। बैठक में चुनावी रणनीति, विकास योजनाओं की समीक्षा, और कार्यकर्ताओं को संगठित करने पर जोर दिया गया।
शिवप्रकाश: जनता का पैसा बर्बाद नहीं होने देंगे
शिवप्रकाश ने कहा कि अगर भाजपा या उसकी विचारधारा के समर्थक सत्ता में आते हैं, तो जनता का पैसा बर्बाद नहीं होगा। उन्होंने युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ मुख्यधारा में लाने और तकनीकी प्रगति से गांवों को समृद्ध करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: उपलब्धियां और नई योजनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत भाजपा की नीतियों पर जनता के विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मिली सफलता और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को छत्तीसगढ़ सरकार की उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन: लीडरशिप तैयार करने का अवसर
भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं के नेतृत्व कौशल को निखारने का अवसर हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकारों की असफलताओं की तुलना भाजपा की उपलब्धियों से करते हुए कहा, “हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस ने वादे पूरे नहीं किए, जबकि छत्तीसगढ़ में भाजपा ने वादे समय पर पूरे किए।”
शहर और गांव में विकास पर जोर
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि भाजपा ने शहरों के साथ-साथ गांवों को भी विकास की मुख्यधारा में लाने का काम किया है। उन्होंने अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जनहित के कार्यों की निगरानी करने और जनता तक पहुंचने की अपील की।
विजय शर्मा ने कहा कि “वन नेशन, वन इलेक्शन” के दृष्टिकोण से पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ कराने का प्रयास किया जाएगा। सुशासन और विकास योजनाओं की सफलता को जनता तक पहुंचाने के लिए रणनीति बनाई गई है।
कार्यकर्ताओं की एकजुटता और नेतृत्व पर फोकस
बैठक में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के लिए जिम्मेदार नेताओं ने कार्यकर्ताओं की एकजुटता पर जोर दिया। चुनाव प्रभारी सौरभ सिंह ने कहा कि यह चुनाव भाजपा की संगठनात्मक ताकत को दिखाने का अवसर है।
भाजपा के एजेंडे में क्या खास है?
युवाओं को अवसर देकर रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना।
पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा के नेतृत्व को मजबूत करना।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास।
तकनीकी विकास और आवास योजनाओं को प्राथमिकता।
भाजपा की यह बैठक संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति का उदाहरण थी, जिसमें पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास और सुशासन के साथ जनता के बीच भरोसा बढ़ाने पर जोर देना है।



