Priyanka Gandhi in chhattisgarh visit: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम मोहड़ और बालोद जिले के हथौद में चुनावी सभाएं ली। इस दौरान वो आक्रामक तेवर में दिखीं।
बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीए मोदी और बीजेपी नेता रोजगार और महंगाई पर बात नहीं करते। 1200 रुपये में गैस सिलेंडर खरीदवाया गया। चुनाव आते देख 2 महीने पहले 400 कर दिया गया। बीजेपी राज में नाटक और नौटंकी की राजनीति चल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मंच पर आते हैं, लेकिन जनता के बीच गांव में नहीं जाते। उनके घरों में नहीं जाते। महंगाई में जनता कैसे जी रही है। इंदिरा जैसी बड़ी नेता आपके घरों में गई थीं। मैं भी छोटे-छोटे गांव में जाती हूं, उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में गई।
भाजपा नेता कहते हैं कि पीएम मोदी से बड़ा इस दुनिया में कोई नेता नहीं है। वह एक चुटकी में दुनिया का कोई भी जंग बंद करवा सकते हैं, तो अपने देश में महंगाई कम क्यों नहीं की? बेरोजगारी खत्म क्यों नहीं की? महिलाओं की मदद क्यों नहीं की? हाथरस, उन्नाव और मणिपुर को देखिए , वहां क्या हुआ। महिलाओं के साथ पूरे देश के सामने उसके साथ अत्याचार हुआ। इस मामले में मोदी ने अपना मुंह क्यों फेर लिया?
प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी नेता देशभर में घूम-घूमकर कह रहे हैं कि हम 400 सीटें दीजिये, हम संविधान बदल देंगे। प्रधानमंत्री के इशारे पर संविधान बदलने की बात कह रहे हैं।
आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन का अधिकार संविधान देता है। किसानों को वोट का अधिकार संविधान देता है। इसी संविधान को बदलने की बात कर रहे हैं। क्या जरूरत है उसे बदलने के लिए। क्योंकि प्रधानमंत्री सिर्फ सत्ता चाहते हैं। वह चाहते हैं की जनता का अधिकार कमजोर और आरक्षण कमजोर हो जाये।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने जनता से कहा कि आपके सामने बड़े-बड़े प्रदेशों के मुख्यमंत्री आते हैं, प्रधानमंत्री आते हैं लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं होता यह जनता का आदर-सम्मान लेकर जाए। उन्हें जनता से सच बोलना चाहिए और उन्हें एहसास नहीं होता है उन्हें लगता है कि उन्हें जनता के सामने कुछ भी कहा दो, कितने भी झूठे वादे कर दो, जानता नहीं पूछेंगी। अपनी सत्ता, शोहरत और शान दिखाते हैं, लेकिन जनता के प्रति उनकी श्रद्धा नहीं है।
देश की पुरानी परंपरा है हिंदू और आदिवासी धर्म की परंपरा है। इस देश की राजनीतिक परंपरा महात्मा गांधी की परंपरा थी। बीजेपी के नेता अहंकारी हो गये हैं। अपने आप को जनता से ऊपर समझ रहे हैं। अहंकार में इतना चूर है कि उनके आसपास के लोग उनको सच्चाई नहीं बताते।
आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने अपने अरबपति मित्रों के 16 लाख करोड़ के कर्ज माफ कर दिए, लेकिन किसानों के कर्ज माफ नहीं किया है। किसानों का 15 हजार करोड़ बकाया था, तो उन्हें नए संसद के लिए 2 हजार करोड़ खर्च कर दिया, लेकिन किसानों का बकाया नहीं दिया।
जब किसान रो रहा था, आंदोलन कर रहा था तो प्रधानमंत्री अपने घर से बाहर नहीं निकले। दावा करते हुए कहा कि 600 किसान शहीद हुए तो प्रधानमंत्री अपने घर से बाहर नहीं निकले। पीएम पर तंज कसते हुए कहा कि वो कभी हवा में उड़ते हैं, कभी समुद्र में तो कभी किसी और देश में दिखते हैं पर आपके घरों में नहीं दिखते है। आपके गांव में नहीं दिखे। आपके आंसू नहीं पोछते। यही है प्रधानमंत्री की असलियत।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खेती-किसानी के सामानों पर जीएसटी डालकर उसे महंगा कर डाला। खेती से आमदनी बनती थी। खेती से किसान मजबूत बनता था। आज देशभर में खेती से कमाई होना बंद हो गई। इससे कौन काम रहा है अडानी कमा रहा है, बड़े-बड़े उद्योगपति कमा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में सेव के दाम किसान तय करता था। आज अदानी तय कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने सारे अमीर मित्रों को देश की सारी संपत्ति सौंप दिए है। कोयला, सीमेंट, सड़क, हवाई अड्डे, बंदरगाह सब अपने उद्योगपति मित्रों को सौंप दिए।



