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चरणदास महंत तो ऐसा कहते नहीं है, फिर क्यों कहा?… पढ़िए नर्मदा विशेष

नर्मदा न्यूज़ छत्तीसगढ़ डेस्क। राजनीति में वक्त बदलता है तो आदमी भी बदलता है उसकी भाषा भी बदलती है। उसके तेवर भी बदलते हैं क्योंकि जब जिम्मेदारी मिलती है तो बहुत कुछ बदलना पड़ता है, वह कहना पड़ता है जो आलाकमान को पसंंद आए, वह करना पड़ता है जो आलाकमान को पसंद आए। साथ ही अपने साथ के नेताओं को भी बताना पड़ता है में तेरे लिए खतरा नहीं हूं, मैं तो तेरे साथ हूं, मैं तो चाहता हूं कि तू दिल्ली में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करे,इसलिए मैं तो चाहता हूं कि जनता तुमको चुनाव जिताकर दिल्ली भेजे। मैं तो मानता हूं कि छत्तीसग़ढ़ में तो एक ही नेता है जो मोदी के सामने खड़ा हो सकता है। हर नेता चाहता है कि उसके साथ का नेता राज्य छोड़कर चला जाए तो उसे एकछत्र राज करने का मौका मिले।ड़़ॉ.चरणदास महंत भी तो यही चाहते हैं।

यही वजह है कि उन्होंने राजनांदगांव में भूपेश बघेल का प्रचार करते हुए अपनी मन की बात कह दी। कौन नहीं जानता है कि भूपेश बघेल राज्य की राजनीति छोड़कर जाना नहीं चाहते हैं,उन्होंने इस बात को खुले रूप से कहा भी है। कांग्रेस की बैठक में भी उन्होंने साफ कहा था वह लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं, वह राज्य की राजनीति ही करना चाहते हैं। आलकमान के मजबूर करने पर भूपेश बघेल को राजनांदगाव से चुनाव लड़ना पड़ रहा है। डा.चरणदास महंंत को यहां बोलने का मौका मिला तो ऐसा बोला कि राज्य में बवाल हो गया। वह कहना कुछ चाहते थे और कह कुछ और दिया।वह कहना चाहते होंगे कि कांग्रेस को कोई ऐसा नेता चाहिए जो पीएम मोदी के सामने ख़ड़ा हो सके, आंख में आंख डालकर सवाल पूछ सके।वह तो ऐसा कहना ही चाहते होंगे कि हमें मोदी का सिर फोढ़नेव वाला आदमी चाहिए।

वह तो कहना चाहते थे कि मोदी के सामने खड़ा होने वाला एक ही नेता है, वह है भूपेश बघेल,उसे सांसद बनाकर दिल्ली भेजो। चरणदास महंत सीधे,सरल,सौम्य शालीन नेता हैं। उन्होंने ऐसा कैसे कह दिया यही लोगों को समझ नहीं आ रहा है। हो सकता है कि नेेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली हो तो उनको अपने तेवर बदलने पड़े है,अपनी भाषा बदलनी पड़ी है। उन्हें लगता हो कि पहले वाली भाषा अब काम नहीं आने वाली है। अब तो वैसी बाषा बोलनी पड़ेगी जो राहुल गांधी को पसंद आए,कांग्रेेस नेताओं को अच्छी लगे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अच्छी लगे। यही सोचकर उन्होंने कह दिया हो कि हमें ऐसा आदमी चाहिए जो लाठी पकड़ सके,हमें मोदी का सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए।उसके बाद उन्होेंने साफ किया कि मोदी से आंख मिलाकर बात करने वाला एक ही आदमी है,वह है भूपैस बघेल, आप लोग इसे दिल्ली जिताकर भेजो।

ऐसा कहकर ड़ॉ.चरण दास महंत ने एक तीर से कई शिकार किए हैं।.राहुल गांधी को खुश कर दिया.भूपेश बघेल को खुूश कर दिया। देश में उनके बयान पर चर्चा रही,सब जान गए चरणदास महंत मोदी के घोर विरोधी हैं। वह बेमौके तो ऐसा कह नही सकते थे इसलिए मौके पर ही कहा है। इससे पहले भी वह राहुल गांधी को खुश करने के लिए नवीन जिंदल को भाजपा प्रवेश करने पर सबसे बड़ा बेवकूफ कह चुके हैं। यहां पर उनका गुस्सा समझ में आता है कि कोई अरबपति जो कांग्रेस में था, वह भाजपा में चला गया यानी अब नवीन जिंदंल से जो कांंग्रेस को सहयोग मिलता था वह अब नहींं मिलेगा। यानी भाजपा एक ओर तो कांग्रेस के खाते फ्रीज करवा देती है, इसके बाद अरबपतियों को भी भाजपा में शामिल करा लेती है। यानी भाजपा नहीं चाहता है कि कांग्रेस की कोई मदद करे।

यानी भाजपा चाहती है कि कांग्रेस आर्थिक रूप से इतनी कमजोर हो जाए कि चुनाव ठीक से न लड़ सके। तो हर कांग्रेस नेता को गुस्सा तो आएगा ही। गुस्सा आएगा तो लाठी की बात करेगा ही, लाठी की बात होगी तो मुंह से निकल ही जाएगा कि हमें मोदी का सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए। और वह आदमी भूपेश बघेल है।जैसे राहुल गांधी कुछ कहना चाहते हैं, वह कुछ और कह जाते हैं तो जनता उन्हें माफ कर देती है तो मान लेना चाहिए कि डॉ.चरणदास महेत से भी ऐसी ही गलती हो गई है और जनता उन्हें माफ कर देगी।

 

 

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