
रायपुर. प्रदेश कांग्रेस की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है, जिसमें पार्टी से निलंबित 18 नेताओं को फिर से वापस लिया गया है. इनमें सबसे बड़ा नाम अजीत कुकरेजा का है, जिन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था. विधानसभा चुनाव में अजीत कुकरेजा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसकी वजह से कांग्रेस को रायपुर उत्तर की सीट गंवानी पड़ी थी और पार्टी के चहेते विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा को हार का सामना करना पड़ा था.
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग के बाद कांग्रेस ने बड़ा फैसला उठाया है. पार्टी ने राज्य के 18 नेताओं का निष्कासन रद्द करते हुए उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है. मंगलवार देर रात इस संबंध में प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने आदेश जारी किया है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने नेताओं की वापसी के लिए एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी से चर्चा के बाद नेताओं को पार्टी का निलंबन रद्द किया गया है.
रायपुर के अजीत कुकरेजा, बिलासपुर के जसबीर गुब्बर, महासमुंद के विश्वजीत बोहरा, दंतेवाड़ा के मनोज मालवीय समेत अन्य 14 नेताओं को वापस पार्टी में लाया गया है. इन नेताओं की हुई वापसी…अजीत कुकरेजा, सागर दुल्हानी, दिवाकर साहू, जसबीर गुम्बर, विश्वजीत बेहरा, कांति नाग, बोमड़ा मंडावी, मनोज मालवी, नरेन्द्र सुराना, तुकाराम साहू, हलघर साहू, तुलेश साहू, सोहन साहू, खोमन सिन्हा, संध्या निषाद, प्रतापचंद साहू और रिखीराम साहू के निलंबन को रद्द कर दिया गया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
सचिन पायलट ने इस समिति में सात नेताओं को शामिल किया था, उनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, एसए संपत कुमार, विजय जांगिड, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू और मोहन मरकाम को भी शामिल किया गया था.



