
रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ की राजधानी में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अपने सब-जोनल ऑफिस को पूर्ण जोनल ऑफिस में प्रोन्नत कर दिया है. इसके साथ ही यहां संयुक्त निदेशक (ज्वाइंट डायरेक्टर) की नियुक्ति की गई है. प्रभाकर प्रभात रायपुर के पहले जॉइंट डायरेक्टर (JDE) होंगे. उनके साथ देश में 12 अन्य ज्वाइंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति हुई है.
अब तक रायपुर का सब-जोनल ऑफिस मुंबई जोनल ऑफिस के अंतर्गत काम कर रहा था. प्रभाकर प्रभात के कार्यभार संभालने के साथ ही रायपुर का यह कार्यालय स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा और सीधे दिल्ली स्थित मुख्यालय के अधीन होगा.
रायपुर में ED का कार्यालय लगभग आठ साल पहले स्थापित हुआ था. बीते वर्षों में छत्तीसगढ़ में मनी लॉन्ड्रिंग और शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में तेज़ी आई है. इसके चलते सब-जोनल ऑफिस पर काम का दबाव बढ़ा, जिसे देखते हुए इसे पूर्ण जोनल ऑफिस में प्रोन्नत करने का निर्णय लिया गया.
रायपुर जोनल ऑफिस में अब दो उप-निदेशक (DD), सहायक निदेशक, प्रवर्तन अधिकारी, सहायक प्रवर्तन अधिकारी और अन्य लिपिकीय स्टाफ कार्यरत हैं. जोनल ऑफिस बनने के बाद इसमें कैडर और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ेगी। ED ने कार्यालय के लिए नया भवन बनाने के लिए राज्य सरकार से भूमि की मांग की है. फिलहाल यह कार्यालय पुजारी पार्क परिसर में किराए के भवन में संचालित हो रहा है.
ED ने देशभर में नई नियुक्तियां की हैं, जिनमें 7 अतिरिक्त निदेशक (AD) भी शामिल हैं। इससे प्रवर्तन निदेशालय के कामकाज में और अधिक प्रभावी सुधार की उम्मीद है. छत्तीसगढ़ में बढ़ते मामलों को देखते हुए इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रायपुर के इस जोनल ऑफिस के स्वतंत्र होने से क्षेत्रीय जांच और प्रवर्तन कार्यों में तेज़ी आने की संभावना है.



